बुजुर्ग माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

हाइलाइट्स

हेल्थ इंश्योरेंस गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान हॉस्पिटल में होने वाले मोटे खर्च से बचा सकता है.
अपने परिवार के लिए आपको एक लाइफटाइम रिन्यूअल के साथ हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए.
सीनियर सिटीजन के लिए फ्री मेडिकल टेस्‍ट उपलब्‍ध कराने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बेहतर होती है.

 हाल के कुछ वर्षों में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है. वहीं कोविड-19 महामारी के बाद हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. सभी को अपने पूरे परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी तो जरूर खरीदनी चाहिए. वहीं अगर आपके घर में बुजुर्ग माता-पिता है तो उनके लिए यह और ज्यादा जरूरी हो जाता है. क्योंकि बुढ़ापे में कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है. हेल्थ इंश्योरेंस आपको इन बीमारियों के इलाज के दौरान हॉस्पिटल में होने वाले मोटे खर्च से बचा सकता है.

अगर आप अपने बुजुर्ग माता पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने का विचार कर रहे हैं तो आपको पहले हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ बातों का जरूर समझ लेना चाहिए. इससे आप इंश्योरेंस क्लेम में आने वाली दिक्कतों को दूर कर सकते हैं. आइए जानते हैं हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

उम्र के साथ महंगा हो जाता है हेल्थ इंश्योरेंस
आपको बता दें कि हेल्थ इंश्योरेंस उम्र बढ़ने के साथ-साथ महंगा होता जाता है. इसलिए आपको एक लाइफटाइम रिन्यूअल के साथ हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए. इससे आपको बार बार पॉलिसी बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सही समय पर इलाज मिले तो किसी का जीवन बच सकता है.
वहीं बीमारी का पता लगाने के लिए नियमित जांच करवाना भी जरूरी होता है. इसलिए सीनियर सिटीजन के लिए फ्री मेडिकल टेस्‍ट की सुविधा उपलब्‍ध कराने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को चुनना चाहिए.

पुरानी बीमारियां कब से होगी कवर
जब भी आप कोई हेल्श इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते हैं तो उसमें पुरानी बीमारियों को एक निश्चित अवधि के बाद ही कवर करने का नियम होता है. ये अवधि सभी इंश्योरेंस कंपनियों की अलग-अलग हो सकती है. कुछ कंपनियां 48 महीनों के बाद पुरानी बीमारियों का कवर करती हैं तो कुछ कंपनियां 36 महीने के बाद पुरानी बीमारियों को कवर करती हैं. अगर इस अवधि के दौरान आपको पुरानी बीमारी की वजह से हॉस्पिटलाइज किया जाता है तो उसका खर्च आपको खुद ही वहन करना होगा. हालांकि पॉलिसी खरीदते वक्त आपसे पहले से मौजूद बीमारियों के बारे में पूछा जाता है.

हॉस्पिटल चेन का नेटवर्क होना चाहिए बड़ा
अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसे कभी भी हॉस्पिटल में एडमिट करने की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए हेल्थ पॉलिसी खरीदते समय यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि अपने पसंद के जिन हॉस्पिटल को आप चुनते हैं उनका नेटवर्क बड़ा हो. साथ ही हॉस्पिटल में कैशलेस एडमिट होने की भी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए. इससे हॉस्पिटलाइजेशन के समय आपको ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी.

घर पर इलाज का ऑप्शन भी मिले तो बेहतर
गंभीर बीमारियों का इलाज काफी खर्चीला होता है साथ ही यह लंबे समय तक चलता है. ऐसे में कई बार हॉस्पिटल में बेड की कमी की वजह से या किन्हीं अन्य कारणों से घर पर ही डॉक्टरों की देखरेख में इलाज करवाना पड़ता है. ऐसे में आपको एक ऐसी हेल्थ पॉलिसी को चुनना चाहिए जिसमें डोमिसाइलरी ट्रीटमेंट कवर भी शामिल हों. इससे आपको बिना हॉस्पिटल में एडमिट हुए भी इलाज के खर्च के लिए हेल्थ कवर मिलता है.

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